shashwat bol

kahte sunte baaton baaton me ...

78 Posts

75 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 19050 postid : 1089467

हिंदी मानो सठियाई सास अंग्रेजी जैसे बहु खास

  • SocialTwist Tell-a-Friend

नई नवेली दुल्हन ने घर में प्रवेश लिया . सासु माँ अपनी ख़ुशी की अधिकता में बहु को स्टेन्शिला के जगह पर शीला कहके आशीर्वाद दिया और किचन दिखने ले चली . बहु ने बर्दास्त न करके आखिर फट के कहा – मम्मी , मैं शीला नहीं एक्चुअली स्टेन्शिला हूँ . मुझे किचन क्यों दिखती हो . ये सब मैं नहीं करती और करुँगी भी नहीं . सासु भौचक बहु को देखती रह गई . ऐसा ही हाल हिंदी भाषा की अंग्रेजी के दृष्टि में है . हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा अवशय मिल चुका है . परन्तु वास्तविक रूप से हिंदी अभी व्यवहारिक धरातल पर पिछड़ी संस्कृति की पहचान भर ही बनी हुई है . इसका सीधा व् दीर्घ कारन कामकाज में इसे व्यवहारिक स्वरूप में तरजीह न देना है . जिसके लिए हिंदी के क्लिष्ट अनुवादजन्य व्यवहार की भूमिका सर्वथा bhi कारक है . अंग्रेजीदां कर्ता- धर्ता ने हिंदी को जटिलता के भवर में फ़ांस के इतना बोझिल कर दिया है की हिंदी की समृद्धि के जाल में इसकी व्यवहारिक सफलता संदिग्ध बनी रहे . —- amit shashwat

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
September 16, 2015

अमित जी बहुत अच्छा शीर्षक

amitshashwat के द्वारा
September 16, 2015

aadarniy dr. sobha ji , hindi ke liye pryukt saamajik ruchi ke shirshak ko aapne achha maana , bahut dhanyvaad . main aur adhik likhna chahta tha magar .. , pritikriya ke liye saharsh dhanyvaad .


topic of the week



latest from jagran